पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) भारत में टैक्स सेविंग कम इन्वेस्टमेंट स्कीम है। इसे 1986 में पेश किया गया था। इसका लक्ष्य मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग की जनता को लंबी अवधि के लिए उच्च रिटर्न और कर छूट देकर निवेश करने के लिए आकर्षित करना है।
तो आइए जानते हैं इस योजना के बारे में और जानें कि यह हमारे लिए निवेश का सबसे अच्छा विकल्प कैसे है।
1. पीपीएफ खाता कौन खोल सकता है-
जो व्यक्ति भारतीय नागरिक है वह इस खाते को खोल सकता है।
2. आप ये खाता कहा कहा खोल सकते है–
आप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों या निजी बैंकों के साथ-साथ डाकघर में भी पीपीएफ खाता खोल सकते हैं।
3. इस स्कीम में आप कितना निवेश कर सकते है –
एक वर्ष में न्यूनतम ₹ 500 से अधिकतम ₹ 1,50,000 तक निवेश कर सकते हैं। यदि आप ₹ 1.5 लाख से अधिक जमा करते हैं तो ₹1.5 लाख से अधिक राशि पर आपको ना तो ब्याज मिलेगा और ना ही उस पर आयकर में कोई छूट प्राप्त होगी। आप निवेश की राशि को किश्तों या एक साथ जमा कर सकते हैं।
4. इस योजना का कार्यकाल कितना है–
पीपीएफ खाते का कुल निवेश काल 15 साल है। आप 15 साल से पहले इस राशि को नहीं निकाल सकते है। और आप चाहे तो निवेश के समय को 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा सकते है अर्थात यदि 15 साल के बाद आप चाहे तो अपने निवेश को 5 साल के लिए बढ़ा सकते है। इसके लिए आपको आपके पीपीएफ खाते के कार्यकाल पूरा होने से पहले अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस को सूचना देनी होगी।
5. पीपीएफ खाते की ब्याज दर क्या है –
भारत सरकार हर तिमाही में पीपीएफ खाते के लिए ब्याज दर की घोषणा करती है। अतः भारत सरकार इसे घटा या बढ़ा सकती है। वर्तमान में इसकी तय ब्याज दर 7.1% है।
6. पीपीएफ खाता खुलवाने से आयकर में कितनी छूट मिलती है –
आपकी जमा राशि (अधिकतम ₹1.5 लाख) को आयकर में छूट दी जाती है। इस पर मिलने वाला ब्याज भी कर मुक्त होता है। और इस स्कीम के मैच्योर होने पर मिलने वाले राशि पर भी कोई कर नहीं लिया जाता है। इसलिए आपकी जमा राशि, ब्याज और परिपक्व राशि सभी कर मुक्त हैं।
7. पीपीएफ खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज-
• फॉर्म – ए
• नामांकन फार्म
• पासपोर्ट साइज फोटो
• आईडी प्रूफ
• एड्रेस प्रूफ
8. परिपक्वता विकल्प-
• पूर्ण वापसी – इसमें आपका खाता बंद करके आपकी जमा राशि ब्याज सहित आपको दे दी जाती है।
• बिना किसी योगदान के पीपीएफ खाते का विस्तार करें – अगर आप ये विकल्प चुनते है तो आपको अगले 5 सालो के लिए कोई भी राशि जमा नहीं करवानी पड़ेगी लेकिन आपकी पहले से जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा।
• अंशदान के साथ पीपीएफ खाते का विस्तार – अगर आप ये विकल्प चुनते है तो आपको अगले 5 सालो तक आप जितनी चाहे उतनी राशि आप अपने पीपीएफ खाते में जमा करवा सकते है और इस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा।
पीपीएफ की कुछ और विशेषताएं-
• तीसरे वित्तीय वर्ष से 6 वें वित्तीय वर्ष तक आप अपने पीपीएफ अकाउंट पर ऋण ले सकते है।
• ऋण की ब्याज दर, वर्तमान में आपको जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज दर से 2% अधिक है और पुनर्भुगतान का समय 36 महीने है।
• पीपीएफ अकाउंट पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।
• सातवें वित्तीय वर्ष की शुरुआत से आप अपने पीपीएफ खाते से पूर्व-परिपक्व निकासी कर सकते है।
• नामांकन सुविधा भी उपलब्ध है। आप एक या अधिक लोगो को अपने खाते के लिए नामांकित कर सकते है। तथा आपके द्वारा नामांकित लोगो को कितना प्रतिशत मिलेगा ये भी आप तय कर सकते है।
• यदि किसी वर्ष में आप न्यूनतम राशि का कोई योगदान निवेशित नहीं करते है, तो आपका खाता निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
• निष्क्रिय खाते को सक्रिय करने के लिए आपको प्रत्येक निष्क्रिय वर्ष के लिए ₹50 का जुर्माना और उस साल के न्यूनतम योगदान राशि जमा करवानी होगी।
• परिवार के सदस्यों के चिकित्सा उपचार और पीपीएफ खाता धारक की उच्च शिक्षा के लिए 5 साल पूरे होने के बाद पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति है।
तो मैने यहां छोटे रूप में लेकिन स्पष्ट रूप से PPF Account के बारे में जानकारी दी है। मुझे उम्मीद है कि आपने PPF के बारे में अच्छी तरह से जान लिया है और आप खाता खोलने के लिए तैयार हो गए है। यह लंबी अवधि के लिए पैसा निवेश करने का एक शानदार तरीका है। बस अपने अतिरिक्त पैसे का निवेश करें और अच्छे रिटर्न प्राप्त करें।
अगर फिर भी आपका कोई सवाल है तो आप कमेंट सेक्शन में सवाल पूछ सकते है।
Happy Investing.
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